जौनपुर
जनपद जौनपुर में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में हजारों कार्यकर्ताओं, नेताओं और पीडीए समाज के लोगों ने भाग लेकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में माल्यार्पण से हुई। इसके बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट तक विशाल प्रदर्शन किया। पूरे मार्ग में सरकार विरोधी नारों से वातावरण गूंजता रहा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि प्रदेश और देश की भाजपा सरकारें जनता की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, आरक्षण घोटाला, पेपर लीक, बिगड़ती कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज अब अपने अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से लड़ेगा।
पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ‘ललई’ ने अपने संबोधन में कहा कि फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं की संविधान में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने जल जीवन मिशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार, अघोषित बिजली कटौती, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों सहित कई जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है। और प्रदेश में नई राजनीतिक दिशा की मांग तेज हो रही है।
कार्यक्रम में विधायकगण, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला एवं विधानसभा स्तर के नेताओं सहित हजारों की संख्या में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता और पीडीए समाज के लोग उपस्थित रहे। सभा का संचालन जिला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।
धरना-प्रदर्शन के समापन पर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आठ सूत्रीय मांगपत्र राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जौनपुर का यह धरना केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ जनता की आवाज बनकर उभरा। हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि जनहित के सवालों पर संघर्ष अभी जारी रहेगा।
रिपोर्ट : सुरेश कुमार शर्मा
















