जयपुर, 14 अप्रैल 2026:
जयपुर में आयोजित ‘वर्ल्डवाइड सुपर लीग ओपन इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप’ में बनारस की जानी-मानी समाजसेवी शबा खान को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। मंच से शबा खान ने बेटियों की आत्मरक्षा और शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताया।
9 साल से निस्वार्थ सेवा, बनीं गरीबों की मसीहा
शबा खान पिछले 9 वर्षों से जमीनी स्तर पर समाज सेवा कर रही हैं। कोरोना महामारी हो या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र, हर आपदा में वह जरूरतमंदों का सहारा बनीं। गरीब बेटियों की शादी-विवाह कराने से लेकर स्लम एरिया के बच्चों को निशुल्क शिक्षा और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने तक, उनका काम मिसाल है।
बाल विवाह, छेड़खानी, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के खिलाफ वह खामोशी से मजबूती के साथ लड़ रही हैं। कई इंटरनेशनल अवार्ड से सम्मानित शबा खान आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं — “”वह नाम नहीं, एक ब्रांड बन चुकी हैं”
ताइक्वांडो से बदल रहीं बेटियों की तकदीर
शबा खान का सबसे बड़ा मिशन स्लम एरिया की बच्चियों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है। वह उन्हें बलात्कार और छेड़खानी जैसी घटनाओं से बचने के लिए ताइक्वांडो की निशुल्क ट्रेनिंग देती हैं। उनका मानना है कि जब बेटी खुद अपनी मान-सम्मान की रक्षा करेगी, तभी समाज बदलेगा।
उनकी दिन-रात की मेहनत रंग लाई और कोच सुल्तान खान के मार्गदर्शन में 24 बच्चों का इंटरनेशनल टूर्नामेंट में चयन हुआ। गर्व की बात यह है कि सभी 24 बच्चों ने मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
इन बच्चों में काजल पटेल, काजल कनौजिया, प्रीति पाल, शिवानी विश्वकर्मा, आयुष गुप्ता, फैसल खान, अरसलान, असद, पंकज, आर्यन यादव समेत चंदौली, बनारस, मिर्जापुर, गोंडा और लखनऊ के खिलाड़ी शामिल रहे।
डिस्ट्रिक्ट से इंटरनेशनल तक का सफर
शबा खान स्लम की बच्चियों को ताइक्वांडो स्पोर्ट के जरिए डिस्ट्रिक्ट लेवल से इंटरनेशनल मंच तक ले जा रही हैं। जहां आज हर कोई अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहा है, वहीं वह पिछले 9 साल से निस्वार्थ भाव से समाज को देती जा रही हैं। उनकी यही पहल सैकड़ों बेटियों की जिंदगी बदल रही है।
रिपोर्ट- सुनील सिंह राजपूत
















