मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा बिजली विभाग, गांव-गांव में फूटा जनता का गुस्सा
जौनपुर:
जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की जनता को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जौनपुर जनपद में बिजली विभाग की लापरवाही ने आम जनता का जीना दुश्वार कर दिया है।
चिलचिलाती धूप, उमस भरी रातें और ऊपर से घंटों की अघोषित बिजली कटौती जौनपुर के उमरपुर, हरिबबन्धनपुर, आराजी भूपति पट्टी समेत कई ग्रामीण इलाकों में हालात इतने बदतर हो चुके हैं। कि अब जनता का गुस्सा सड़कों तक पहुंचने लगा है। लोगों का कहना है। कि बिजली विभाग के अधिकारी सिर्फ कागज़ों में बिजली दे रहे हैं। जबकि हकीकत में गांव अंधेरे में डूबे पड़े हैं।
ग्रामीणों का आरोप है। कि छोटे-छोटे मासूम बच्चे रातभर गर्मी में बिलख रहे हैं। बुजुर्गों की हालत खराब हो रही है। महिलाएं पूरी रात हाथ से पंखा झलने को मजबूर हैं। और किसान सिंचाई के संकट से टूट चुके हैं। आखिर जब सरकार जनता को राहत देना चाहती है। तो विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां क्यों उड़ा रहे हैं।
जनता का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार सही तरीके से बिजली आपूर्ति हो जाए, तो इस भीषण गर्मी में लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन विभागीय लापरवाही ने सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब गांव-गांव में लोग खुलकर कहने लगे हैं। कि आखिर बिजली विभाग किसके इशारे पर जनता को परेशान कर रहा है।
क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है। कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और तत्काल ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू बिजली व्यवस्था लागू कराई जाए। जनता ने साफ चेतावनी दी है। कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो गांव-गांव से आवाज उठेगी और जनआक्रोश बड़ा आंदोलन बन सकता है।
जनता अब जाग चुकी है।
अब हर गांव से उठेगी बिजली व्यवस्था सुधारने की आवाज
क्योंकि गर्मी से तड़पती जनता अब अंधेरे में रहने को तैयार नहीं
रिपोर्ट : सुरेश कुमार शर्मा















