वाराणसी
पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने बैंक खातों से साइबर ठगी कर अवैध निकासी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, फर्जी कूटरचित आधार कार्ड तथा नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार 24 मई 2026 को शिवदत्त हरिजन निवासी बलिया, वर्तमान पता इंजीनियर हाल पुलिस लाइन वाराणसी ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से अवैध रूप से 12 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 27 मई को वाराणसी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सुरेंद्र कुमार निवासी मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर तथा विनय कुमार निवासी बलिया के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले लोगों के बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की सिम को चोरी, छल अथवा “सिम अपडेट” के नाम पर स्वैप करा लेते थे। इसके बाद आरोपी PayTM, PhonePe, G-Pay और Mobikwik जैसे यूपीआई एप सक्रिय कर खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। गिरोह फर्जी आधार कार्ड और गलत पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर विभिन्न सीएसपी सेंटरों से नकदी निकालता था और बाद में रकम आपस में बांट लेता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। साइबर क्राइम टीम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या सिम अपडेट संबंधी सूचना पर सतर्क रहें तथा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
रिपोर्ट : विवेक कुमार यादव















