शनिवार और रविवार को बंद रहने वाले देश के प्रमुख शेयर बाजार—बीएसई और एनएसई—आज 11 अप्रैल 2026 को खुले रहे। हालांकि यह सामान्य ट्रेडिंग के लिए नहीं, बल्कि विशेष “मॉक ट्रेडिंग सेशन” के आयोजन के कारण हुआ। इस दौरान किसी भी प्रकार की वास्तविक धनराशि से लेन-देन नहीं किया जाता, बल्कि यह केवल सिस्टम की टेस्टिंग और तकनीकी तैयारी के लिए आयोजित किया जाता है।
इस मॉक ट्रेडिंग सेशन में इक्विटी सेगमेंट, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स जैसे सभी प्रमुख सेगमेंट शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता, जोखिम प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी ढांचे को जांचना और मजबूत करना है।
बीएसई और एनएसई ने 10 अप्रैल को जारी अपने-अपने सर्कुलर में इस सेशन की जानकारी दी थी। बीएसई ने विशेष रूप से कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए मॉक ट्रेडिंग की घोषणा करते हुए सदस्यों को अपने ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर और रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम की जांच करने की सलाह दी। साथ ही एक्सचेंज ने पुराने नोटिस और सेबी के दिशा-निर्देशों का पालन करने को भी कहा।
एक्सचेंज ने यह भी स्पष्ट किया कि जो सदस्य थर्ड-पार्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या अपने खुद के विकसित सिस्टम का उपयोग करते हैं, वे इस मौके का इस्तेमाल विभिन्न फंक्शनैलिटीज जैसे रिस्क-रिडक्शन मोड और संभावित ट्रेडिंग रुकावटों की जांच के लिए कर सकते हैं।
वहीं एनएसई ने अपने सर्कुलर में बताया कि मॉक ट्रेडिंग के चलते यूनिक क्लाइंट कोड (UCC) सिस्टम में कुछ अस्थायी बदलाव किए जाएंगे। 12 अप्रैल को सुबह 10 बजे से आधी रात तक लाइव एनवायरनमेंट में UCC से संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस दौरान किए गए किसी भी बदलाव को अगले लाइव ट्रेडिंग सेशन के लिए मान्य नहीं माना जाएगा।
एक्सचेंज ने ट्रेडिंग सदस्यों को सलाह दी है कि वे 11 अप्रैल को सुबह 10 बजे से आधी रात के बीच UCC में कोई भी बदलाव या अपलोड करने से बचें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए। मॉक ट्रेडिंग सेशन बाजार की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
















