वाराणसी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में पुलिस प्रशासन को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए सक्रिय किया जा रहा है।
इसी क्रम में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भी लगातार जनसंवाद को प्राथमिकता दे रहा है। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने समाचार प्लस से खास बातचीत में बताया कि जनपद को जाम मुक्त बनाने के लिए 10 प्रमुख रूट चिन्हित किए गए हैं। प्रत्येक रूट पर एक ट्रैफिक मार्शल, जो कि ट्रैफिक रैंक का इंस्पेक्टर अधिकारी होता है, की तैनाती की गई है। ये अधिकारी लगातार निगरानी रखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रमुख चौराहों पर वरिष्ठ अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहते हुए जनता से संवाद कर रहे हैं। जहां कहीं अतिक्रमण की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हटाया जा रहा है। साथ ही, सड़कों पर खड़े होने वाले ऑटो और ई-रिक्शा, जो जाम का कारण बनते हैं, उन्हें भी व्यवस्थित किया जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर ने आगे कहा कि शहर के प्रमुख ‘हॉट चौराहों’ पर ट्रैफिक एडवाइजरी लागू की गई है, जो ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखती है। जाम की स्थिति बनने पर तत्काल सूचना देकर उसे नियंत्रित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जनसंवाद को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस समय-समय पर विभिन्न वर्गों के साथ बैठकें कर रही है। हाल ही में व्यापारियों, उद्योग बंधुओं, नाविकों और यातायात सलाहकार समिति के साथ बैठकें आयोजित की गईं।
इन बैठकों का उद्देश्य जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग को पूरी तरह “सिटिजन ओरिएंटेड” बनाया जा रहा है, जिसमें आम जनता की सहभागिता बेहद जरूरी है। थाना स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी को निर्देशित किया गया है कि वे जनता के साथ संवाद बनाए रखें, ताकि मिलकर समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके।
















