जौनपुर
जनपद जौनपुर में उस समय पूरे चिकित्सा जगत में रोष की लहर दौड़ गई जब थाना तेजीबाजार में क्षेत्र के सम्मानित डेंटल सर्जन एवं शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से जुड़े डॉ. प्रभात विक्रम सिंह के साथ कथित अभद्रता और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया।
बताया जा रहा है कि ग्राम हैदरपुर निवासी डॉ. प्रभात विक्रम सिंह (बी.डी.एस.) अपनी पैतृक भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को रोकने एवं न्याय की मांग को लेकर थाना तेजीबाजार पहुंचे थे। लेकिन न्याय मांगने पहुंचे डॉक्टर के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे पूरे डॉक्टर समाज को झकझोर कर रख दिया।
आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा उनका मोबाइल छीन लिया गया, जूते और बेल्ट उतरवाए गए तथा उन्हें घंटों लॉकअप में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके बाद धारा 151 के अंतर्गत चालान कर दिया गया।
इस घटना के विरोध में डॉक्टरों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी जौनपुर से मिला और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जोरदार ज्ञापन सौंपा। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि यदि एक सम्मानित चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है। तो आम जनता की स्थिति क्या होगी।
प्रतिनिधिमंडल में मौजूद डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि चिकित्सक केवल मरीजों की सेवा ही नहीं करते, बल्कि समाज को जीवन देने का कार्य भी करते हैं। ऐसे में डॉक्टरों के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर प्रमुख रूप से डॉ. गौरव मौर्या (प्रेजिडेंट IDA, डॉ. रजनीश द्विवेदी, डॉ. संजीव पाण्डेय, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. मोईन खान, डॉ. हर्ष, डॉ. दीपक विश्वकर्मा सहित दर्जनों डॉक्टर मौजूद रहे।
डॉक्टरों की एकता ने यह साबित कर दिया कि अब अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ हर चिकित्सक मजबूती से खड़ा होगा।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सेवा करने वालों का सम्मान करो, उत्पीड़न नहीं
रिपोर्ट : सुरेश कुमार शर्मा
















