लखनऊ, 11 जून 2026
मानसून में संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तैयारियों का परीक्षण किया गया। डीजी पीएसी आलोक सिंह के निर्देशन में प्रदेश के 44 संवेदनशील जिलों की 118 तहसीलों में बुधवार को “बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज-2026″ का सफल आयोजन हुआ।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के दिशा-निर्देशों पर पीएसी मुख्यालय ने इस अभ्यास के लिए पीएसी की 17 वाहिनियों से कुल 7 कंपनी 1 प्लाटून और एसडीआरएफ की 16 टीमों को नामित किया था। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों की दक्षता, उपकरणों की कार्यशीलता और आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान प्रशिक्षित जवानों ने नाव संचालन, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने, लाइफ जैकेट व जीवनरक्षक उपकरणों के प्रयोग, रस्सियों से रेस्क्यू ऑपरेशन और प्राथमिक उपचार का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और कार्यशीलता का भी परीक्षण किया गया।
इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य संबंधित विभागों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर आपदा प्रबंधन की समेकित कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया
डीजी पीएसी आलोक सिंह ने निर्देश दिए हैं कि पीएसी के बाढ़ राहत दलों और एसडीआरएफ की टीमों की नियमित ब्रीफिंग, उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण और कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ताकि किसी भी आपात स्थिति में अल्प सूचना पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा, “मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीएसी/एसडीआरएफ सदैव जनसेवा के लिए तत्पर रही है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु पीएसी/एसडीआरएफ पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ तैयार है।”
















