वाराणसी
मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड बोर्ड की 34 वीं बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें नगर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के विस्तार, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, ई-बस संचालन तथा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मंडलायुक्त द्वारा निदेशक मण्डल की 33वीं बैठक के कार्यवृत्त के अनुमोदन के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए टिकट बुकिंग हेतु क़्यूआर कोड अपनाने जिससे बताया गया कि लगभग छह लाख रुपए यूपीआई पेमेंट से प्राप्त हुए हैं। यूपीआई के माध्यम से लगभग 14 हजार लोग प्रतिमाह पेमेंट कर रहे। मिर्जामुराद से बाबतपुर, मारकण्डे महादेव एवं डीडीयू तक चलाये जा रहे सिटी बसों का अनुमोदन किया गया है। काशी दर्शन बस सेवा को आईआरसीटीसी से जोड़ने का भी निर्णय लिया गया है।
इलेक्ट्रिक बसों के बनने वाले चार्जिंग स्टेशन सारनाथ एवं परेठ कोठी हेतु शीघ्र धनराशि प्राप्त करने हेतु नगरीय परिवहन निदेशालय से पत्राचार को निर्देशित किया गया। वाराणसी शहर हेतु आवंटित 250 नई सिटी बसों में से 175 नई सिटी बसों हेतु भूमि सुलभ कराने हेतु नगर आयुक्त को अधिकृत किया गया है। समार्ट बस सेल्टर बनाये जाने हेतु उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण वाराणसी द्वारा एक माह के अन्दर निर्माण कराये जाने का आश्वासन दिया गया। आने वाले 250 नई सिटी बसों के मार्गों का निर्धारण हेतु ए.डी.सी.पी. (यातायात) को अधिकृत किया गया है।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों एवं यातायात सुधार संबंधी प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान, नगर निगम, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर जनहित में प्रभावी परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया।
















