वाराणसी/भभुआ:
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की साहसी सेनानी, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी 94 वर्षीय हीरामणि देवी का दु:खद निधन हो गया। वे ग्राम रूपपुर, जिला भभुआ, बिहार की निवासिनी थीं।
कैण्ट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने रामनगर स्थित रोमा अपार्टमेंट आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और अर्थी को कंधा भी दिया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
संतोष द्विवेदी, डॉ. अनुपम गुप्ता, जीतेन्द्र पांडेय, सृजन श्रीवास्तव, रितेश राय, रितेश पाल, ऋषभ सिन्हा, कुलदीप सेठ, गोविन्द मौर्य, सुरेश बहादुर सिंह, बबलू निषाद समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
हीरामणि देवी ने वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। आंदोलन के दौरान उन्हें पटना जेल में कारावास भी भुगतना पड़ा। आजादी के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया और सरकारी विद्यालय में प्रधानाचार्या के पद पर कार्य किया। उनकी कर्मभूमि मोहनिया और भभुआ रही।
उनके पति स्वर्गीय शिव परीक्षा सिंह भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान विधायक निर्वाचित हुए थे। यह दंपति राष्ट्र सेवा, जनसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सदैव याद किया जाएगा।
हीरामणि देवी का जीवन देशभक्ति, संघर्ष, शिक्षा और समाज सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
















