बागपत,
एक्टिगं के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले अभिनेता राजवीर दांगी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। अभिनेता राजवीर दांगी अपने दमदार अभिनय से करोड़ों लोगों के दिलो में राज करते है और अब तक लगभग 500 से अधिक फिल्मों में कार्य कर चुके है। राजवीर दांगी को कॉमेड़ी रोल, खलनायक के रोल, प्रेरक रोल, सीरियस रोल करने में महारथ हासिल है।
महामहिम राष्ट्रपति व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन जब राजवीर दांगी के गांव राजपुर खामपुर पहुॅंचे तो ग्रामवासियों ने बताया कि राजवीर दांगी बहुत ही व्यवहारिक और मिलनसार व्यक्ति है। ग्रामवासियों ने बताया कि इनके पिता स्वर्गीय चौधरी दलेल सिंह आर्य समाजी थे और इनकी माता स्वर्गीय पितमो देवी भी बहुत व्यवहार कुशल महिला थी।
बताया कि राजवीर दांगी एक एक्टर होने के साथ-साथ एक बड़े लेखक भी है और अनेकों सुपरहिट फिल्मों की स्क्रिप्ट लिख चुके है। बताया कि इनके दो बेटे है। इनके बड़े बेटे अरूण दांगी दिल्ली में पत्रकार है, जबकि दूसरा बेटे एड़वोकेट उमंग दांगी तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में वकालत करते है।
राजवीर दांगी ने बताया कि उन्होने वर्ष 1992 में जनता वैदिक डिग्री कॉलिज बड़ौत से पीसीएम में बीएससी, वर्ष 1998 में रोहतक हरियाणा से बीएड़ व इसी के साथ-साथ वर्ष 1997-98 में एमएमएच डिग्री कॉलिज गाजियाबाद से एमए ईकोनॉमिक्स की डिग्री व मार्केटिंग मैनेजमेंट में पीजी का डिप्लोमा किया है।
राजवीर दांगी ने स्किलर इंस्टीटयूट गाजियाबाद, दिल्ली पब्लिक स्कूल एचआरआईटी गाजियाबाद व हेरिटेज एकेडमी मोदीनगर में अपनी सेवाएं प्रदान की है। इन्होने लैब अस्सिटेंट से शुरूआत की और टीजीटी मैथ्स व सांईस की शिक्षा प्रदान की। भभीसा की रहने वाली इनकी पत्नी ललिता भी एमए इकोनामिक्स है।
वर्ष 1998 में घरवालों से चोरी छुपे गुफा वाले बाबा पर गाना बनाने वाले राजवीर दांगी सुपरहिट फिल्म अलझ-पलझ, पकड़, फजीता, आसरा, जोड़ा ठाठ का, उधारबंद, आखरी फैसला, बच्चे कम, मुट्ठीभर अनाज, दादागिरी, शेर का बच्चा, ब्याजदार सहित 500 से अधिक फिल्मों में कार्य चुके है और उत्तर भारत में दमदार अभिनय के लिए जाने जाते है।
रिपोर्ट – विवेक जैन
















