बागपत,
गुरू गोरखनाथ आश्रम सांकरोद के महंत गुरू सुरेश भगत जी ने आश्रम परिसर में प्रचंड़ गर्मी के बीच अपनी 10 वें दिन की तपस्या पूर्ण की। मंगलवार की तपस्या पूर्ण करने के उपरान्त गुरू सुरेश भगत ने दर्शनों के लिए आए श्रद्धालुओं से वार्ता की।
श्रद्धालुओं से वार्ता करते हुए गुरू सुरेश भगत ने बताया कि जेठ माह का यह महीना सूर्य की प्रचंड गर्मी का प्रतीक है। इस माह में सूर्य देवता सबसे अधिक शक्तिशाली होते है। जेठ के माह में तपस्या करना अत्यन्त कठिन जरूर होता है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है।
इस महीने में की गई तपस्या साधक को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से निखारती है। सूर्य देव की यह तपन शरीर को शुद्ध करती है और मन को शांत करती है। गुरू सुरेश भगत ने कहा कि बालाजी और गुरू गोरखनाथ जी का ध्यान करते हुए तपस्या में कोई पीड़ा नही हो रही है, बल्कि आनन्द की अनुभूति हो रही है। गुरू सुरेश भगत जी ने अपने भक्तो से कहा कि प्यासों को पानी पिलाना, घड़े का दान करना, ठंडे पेय पदार्थो का दान करना इस जेठ माह में बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है।
उन्होने सभी लोगों से जेठ के इस पवित्र महीने में प्यासों को पानी पिलाने का आह्वान किया। इसके साथ-साथ उन्होने परमपिता परमेश्वर से सभी के कल्याण की कामना की।
रिपोर्ट – विवेक जैन
















