वाराणसी
महिला सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए प्रदेश का प्राचीनतम एवं प्रतिष्ठित शैक्षिक धरोहर पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज वाराणसी नए सत्र से देश में एक ऐतिहासिक फैसले लेने जा रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति है ।
नए सत्र 2026 से क्वींस कॉलेज में प्रवेश लेने वाली सभी बेटियों की शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क होगी, उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।
काशी हिंदू विश्विद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय जी की प्रेरणा से जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में यह निर्णय देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई परंपरा की शुरुआत करने जा रहा है।
एक तरफ जहां प्राइवेट संस्थानों के पास अकूत धन वैभव होने के बावजूद शिक्षा प्रतिवर्ष महंगी होती जा रही है, ऐसे में एक सरकारी संस्थान क्वींस कॉलेज का यह फैसला बालिकाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए एक नया आयाम खोलने जा रहा है।
निःसंदेह यह फैसला एक वाराणसी की बालिकाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जहां उन्हें आयोग द्वारा चयनित योग्य शिक्षक शिक्षिकाओं से निःशुल्क पढ़ने का अवसर मिलेगा। इस तरह क्वींस कॉलेज देश का पहला राजकीय विद्यालय होगा, जहां बालिकाओं की शिक्षा पूर्णतया निःशुल्क होगी।
काशी हिंदू विश्विद्यालय से अध्ययन के दौरान स्वर्णपदक प्राप्त विद्यालय के प्राचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभिनव पहल विद्यालय के पुरातन छात्रों, अभिभावक शिक्षक संघ, काशी के गणमान्य व्यक्तियों, काशी हिंदू विश्विद्यालय के कुछ प्रोफेसर्स और मेरे स्वयं के मासिक वेतन के कुछ अंशदान से शुरू होगा, जो बालिकाओं की निःशुल्क शिक्षा के लिए समर्पित होगा।
