ठग ने व्हाट्सएप पर सीजेएम हाथरस की फोटो को डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) बनाकर खुद को उनका रिश्तेदार बताया और पीड़ित को भरोसे में लेकर रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
श्यौराज सिंह के मुताबिक घटना 25 फरवरी 2026 की है। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने डीपी में सीजेएम हाथरस की फोटो लगा रखी थी और खुद को उनका छोटा भाई बताते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में इंस्पेक्टर बताया।
बातचीत के दौरान ठग ने कहा कि उसका तबादला हो गया है और सामान ले जाने में परेशानी होने के कारण वह अपना नया सामान बेच रहा है। डीपी में सीजेएम की फोटो देखकर श्यौराज सिंह को उस पर भरोसा हो गया और वह ठगी का शिकार बन गए।
ठग की बातों में आकर श्यौराज सिंह ने अपने बैंक खाते से दो बार में 60 हजार रुपये और 31,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठग के कहने पर उनके बेटे प्रियल चौधरी के खाते से 31,500 रुपये और बेटी प्रियार्शी चौधरी के खाते से 21,200 रुपये भी भेज दिए गए। इस तरह कुल 1,44,200 रुपये की ठगी हो गई।
मामले की जानकारी होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
