बांदा
जनपद बांदा के अलीगंज स्थित रामलीला मैदान में बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने की मांग को लेकर एक विशाल सभा का आयोजन किया गया,
जिसमें बुंदेलखंड आंदोलन के प्रणेता Raja Bundela एवं बड़े भाई Jairam Singh Bacheura के नेतृत्व में क्षेत्र के अनेक सामाजिक, राजनीतिक एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। सभा में बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास, यहां की समस्याओं और पृथक राज्य की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है और यहां के लोगों को रोजगार, सिंचाई, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

इस अवसर पर जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की जनता अपने अधिकार और विकास के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही है और जब तक बुंदेलखंड को पृथक राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग तब तक चैन की नींद नहीं सोएंगे जब तक अपने क्षेत्र को उसका अधिकार और पहचान नहीं मिल जाता। उन्होंने यह भी कहा कि बुंदेलखंड की धरती वीरों और बलिदानियों की धरती रही है और यदि सरकार जनता की भावनाओं को नजर अंदाज करेगी तो इतिहास में हुई 1857 की क्रांति की तरह जनआंदोलन फिर खड़ा करने का साहस भी बुंदेलखंड की जनता रखती है।
उन्होंने युवाओं, किसानों और महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे बुंदेलखंड के विकास और सम्मान के लिए एकजुट होकर आगे आएं और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करें। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी बुंदेलखंड राज्य की मांग का समर्थन करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट – सुनील यादव
