रक्षा समझौते को रूसी संसद की मंजूरी, पुतिन के भारत दौरे से पहले ऐलान
भारत और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ है, जिसे रूस की संसद ने मंजूरी दे दी है। इस समझौते के तहत, दोनों देश एक-दूसरे के मिलिट्री बेस, बंदरगाहों, एयरफील्ड और सप्लाई पॉइंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
इस समझौते के तहत, दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के यहां संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और मानवीय सहायता के लिए अपने सैन्य विमानों, जहाजों और अन्य संरचनाओं का इस्तेमाल कर सकेंगी। इसके अलावा, दोनों देश एक-दूसरे के यहां कानूनी रूप से सेना और सैन्य उपकरणों को तैनात कर सकेंगे।
इस समझौते को रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट (RELOS) कहा जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता है। यह समझौता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले हुआ है, जिसमें दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
