राधाकृष्ण सिकरिया बी.एड. कॉलेज में साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक;

बिहार: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राधाकृष्ण सिकरिया बी.एड. कॉलेज के सभागार में..

बिहार:

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राधाकृष्ण सिकरिया बी.एड. कॉलेज के सभागार में “साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. शंभू नाथ सिकरिया, सचिव यमुना कुमार सिकरिया, साइबर एएसपी प्रीतिश कुमार मोतिहारी, एएसपी सह मुफ़सील थाना प्रभारी कुमारी प्रियंका, इंस्पेक्टर साइबर मनीष कुमार, तथा बैंक ऑफ इंडिया के मंटू कुमार एवं परिसपिल प्रीति दुबे द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इसके पश्चात कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साइबर एएसपी प्रीतिश कुमार ने कहा कि आज साइबर अपराध केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि गांव और कस्बों तक भी पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की छोटी-सी गलती का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल में केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें तथा अपने मोबाइल और कंप्यूटर को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

महिला सुरक्षा के विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए एएसपी कुमारी प्रियंका ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाएं अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकती हैं। इसके अलावा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और आपातकालीन सेवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़खानी, साइबर स्टॉकिंग, सोशल मीडिया पर परेशान किए जाने या अन्य किसी समस्या की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों और पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी दी

वही इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और अपराधी लोगों को नए-नए तरीकों से ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (OTP), बैंक खाता संख्या, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, यूपीआई पिन और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। बैंक या सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन कर इस प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं मांगती हैं।

छात्रों को फर्जी कॉल और साइबर ठगी के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि आजकल साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, बिजली विभाग कर्मचारी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और डराकर पैसे की मांग करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल पर विश्वास नहीं करना चाहिए तथा तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचित करना चाहिए।

उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के बारे में बताया कि कई बार आकर्षक ऑफर और भारी छूट के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई जाती हैं। ऐसी वेबसाइटों पर भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करनी चाहिए। केवल विश्वसनीय और प्रमाणित प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर कॉलेज के सचिव यमुना कुमार सिकरिया ने सभी पुलिस अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

वहीं कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. शंभू नाथ सिकरिया ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए संस्था लगातार प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि संस्था द्वारा एक गर्ल्स शूटिंग एकेडमी स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन को एनओसी हेतु आवेदन दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अनुमति मिलने के बाद 13 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं को निशुल्क शूटिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए कराटे प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण, कर्मचारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा से संबंधित विषयों पर रुचि दिखाई और अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया।

रिपोर्ट – अमरजीत सिंह

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