नुक्कड़ नाटक एवं प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से यात्रियों को दी गई जानकारी
चन्दौली डीडीयू नगर
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देश पर (डीडीयू) मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए अनारक्षित टिकटों की प्रामाणिकता से संबंधित विशेष अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजीव रंजन के निर्देश पर सोमवार को स्थानीय जंक्शन के मुख्य भवन के पैसेंजर क्षेत्र में मंडल के वाणिज्य विभाग तथा स्काउट एवं गाइड सदस्यों द्वारा एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
इस प्रस्तुति के माध्यम से यात्रियों को अनारक्षित टिकटों की विशिष्ट सुरक्षा विशेषताओं, अधिकृत माध्यमों से टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया, तथा डिजिटल सत्यापन की सरलता के बारे में जानकारी दी गई। नाटक संवादात्मक एवं रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया, जिससे यात्रियों को सहज रूप से यह समझाया जा सके कि वैध टिकट से यात्रा करना न केवल सुविधाजनक है, बल्कि यह यात्रा अनुभव को भी सुरक्षित बनाता है।
इस अवसर पर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधकों विजेंद्र कुमार तथा अरविंद कुमार द्वारा यात्रियों से प्रत्यक्ष संवाद भी किया गया। यात्रियों को सदैव अधिकृत माध्यमों यथा टिकट काउंटर, एटीवीएम, यूटीएस ऐप आदि से टिकट लेने तथा सदैव टिकट में अपनी यात्रा से संबंधित विवरण को जांच लेने के प्रति जागरूक किया गया। यूटीएस यानी अनारक्षित टिकट भारतीय रेल द्वारा जारी किए जाते हैं।
इन टिकटों में निम्नलिखित प्रमुख सुरक्षा विशेषताएँ उपलब्ध रहती हैं। स्वर विशेष फ़ॉन्ट में मुद्रित रहते हैं, टिकट के ऊपरी बाएँ कोने पर इंजन का चिन्ह मुद्रित होता है, स्टॉक नंबर एवं यादृच्छिक संख्या अंकित रहती है, स्टेशनरी पर भारतीय रेल का वॉटरमार्क होता है, थर्मल प्रिंटर से जारी टिकटों पर क्यूआर कोड उपलब्ध होता है,
इस संबंध में यात्रियों से सहयोग अपेक्षित है, टिकट केवल अधिकृत काउंटरों, एटीवीएम मशीनों या मोबाइल यूटीएस ऐप से ही प्राप्त करें, मोबाइल फोन में टिकट यूटीएस ऐप से ही दिखाएँ, अन्य फ़ोल्डर या स्क्रीनशॉट से नहीं। टिकट किसी अजनबी या दलाल से न लें और न उनको दें।
टिकट दलाल या ऐसे व्यक्ति यात्रियों को गुमराह कर फर्जी या पुराना टिकट थमा सकते हैं, जिससे यात्री को परेशानी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई) के पास उपलब्ध टीटीई ऐप के माध्यम से टिकटों का ऑनलाइन सत्यापन आसानी से किया जा सकता है।
क्यूआर कोड स्कैन करने या यूटीएस नंबर दर्ज करने से टिकट की प्रामाणिकता की पुष्टि होती है। फर्जी टिकट का उपयोग दंडनीय है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे केवल वैध टिकट लेकर यात्रा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे अधिकारियों अथवा आरपीएफ को दें।
डीडीयू मंडल द्वारा यह अभियान यात्रियों को जागरूक करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
