
चन्दौली – दिनांक 09 अक्टूबर 2025 राहत आयुक्त कार्यालय एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में जनपद चन्दौली के विकास भवन सभागार में सर्पदश न्यूनीकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत इमरजेन्सी वार्ड चिकित्सको का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम के अन्र्तगत जिलाधिकारीसी चंद्र मोहन गर्ग/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के दिशा निर्देशन एवं अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) राजेश कुमार की देख-रेख में मुख्य चिकित्साधिकारी युगल किशोर राय के समन्वय से राज्य स्तर से प्रशिक्षित 05 क्लिनिकल मास्टर ट्रेनरों द्वारा, 55 आपातकालीन वार्ड चिकित्सकों का दिनाक 08.10.2025 को विकास भवन सभागार जनपद चन्दौली में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ, सरस्वती वदना एवं द्वीप प्रज्वलन से जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग द्वारा किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण में आये प्रतिभागियों को सर्पदंश न्यूनीकरण का महत्व समझाते हुए स्पष्ट शब्दों में बताया कि इस प्रशिक्षण के उपरान्त सर्पदश के मामलो में दिया जाने वाला उपचार व्यवस्थित एवं ससमय हो। इसके लिए आने वाले समय में फील्ड लेवल कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कराया जायेगा। जनता को सर्पदंश के मामलों में फैली अन्तियों को दूर करने हेतु जागरुक किया जायेगा।
इस कार्यक्रम के अर्न्तगत सर्प बचाव कर्ताओं का नेटवर्क तैयार किया जायेगा, जो भविष्य में घरो, पशुशालाओं, स्कूलो, सर्वाजनिक स्थलों अथवा ऐसे स्थान जहा पर सर्प के होने से मानव अथवा पशुओं को नुकसान होने की संभावना हो. ऐसी स्थिती में सर्प को बधाकर उनके सुरक्षित आश्रय स्थलों के तरफ छोड़े जाने जाने की व्यवस्था होगी। जनसमान्य के सुविधा हेतु सर्पदंश / सर्प दिखाई देने के स्थिति में सहायता हेतु सरकार द्वारा निःशुल्क हेल्प लाइन नम्बर 1070 जारी किया गया है।
अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) राजेश कुमार द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता की गयी।
सर्पदंश न्यूनीकरण के प्रथम चरण में विगत वर्षों के सर्पदश से हुई घटनाओं का विवरण देते हुए इसके न्यूनीकरण की कड़ी में इस कार्यक्रम के महत्व को समझाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारीडा० युगल किशोर राय द्वारा सर्पदंश विलनिकल प्रबन्धन पर विस्तृत जानकारी दिया गया। डा० निशान्त उपाध्याय डा० सौरभ जायसवाल, डा० अरविन्द एवं डा० संजीव ने निर्धारित प्रशिक्षण सत्रों के अनुसार इमरजेन्सी वार्ड डाक्टरों का प्रशिक्षण कराया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी (आपदा) विजय कुमार त्रिवेदी, आपदा सलाहाकार मो० गफ्फार हुमायूँ आपदा विशेषज्ञ प्रीती शिखा श्रीवास्तव, आपदा लिपिक चन्द्रकान्त एवं डी०डी०एम०ए० की टीम उपस्थित रही।
रिपोर्ट – चंचल सिंह
