चन्दौली डीडीयू नगर
अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर भदोही सांसद डॉ विनोद बिंद ने कहा कि हार नहीं मानूंगा, अटल जी की वो गूंज जो आज भी देश को प्रेरित कर रही है। अटल जी के ये शब्द उस अटल इरादे की गूंज हैं जो कभी झुकता नहीं।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन संघर्ष, समर्पण और सृजन का ऐसा संगम था. जो हम सबके लिए आज भी प्रेरणा देता है।
आज का दिन भारतीय राजनीति व जनमानस के लिए सुशासन का अटल दिवस बन चुका है। अटल की सौम्यता, शिष्टाचार, शालीनता ने करोड़ों भारतीयों के दिलों में जगह बनाई । कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1951 में जनसंघ पार्टी से की थी और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक बने।
सांसद विनोद बिंद ने कहा कि वह एक सरल हृदय कवि भी थे और उनकी कविताएं बेहद लोकप्रिय हुए और उनमे से अनेक आज भाजपा कार्यक्रमों में गाये जाते हैं। कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के चेहरे पर सदैव एक मुस्कुराहट रहती थी। वे जनसंघ या भाजपा ही नहीं, हर राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के बीच लोकप्रिय थे।
वे जहां भी भाषण देने जाते थे, वहां लोग उनके भाषण सुनने पहुंचे और उनसे सीखने की कोशिश करते। डॉ बिंद ने अटल बिहारी की जयंती पर सभी भारतवासियों, प्रदेश वासियों व क्षेत्रवासियों को ढेर सारी सुभकामनाएँ।
कहा अटल बिहारी वाजपेयी एक राजनेता ही नहीं थे वे सिद्धांत, विचार व संवेदना के जीवंत उदाहरण थे ।
वे भारतीय राजनीति में मर्यादा दी लोकतंत्र को मजबूत किये और देश के नागरिकों में एक आत्मविश्वास पैदा किये । मैं हार नहीं मानूंगा मैं रार नहीं ठानूंगा काल के कपाट पर लिखता मिटाता हूं मैं गीत नया गाता हूं । ये उनके शब्द ही नही थे उनके जीवन दर्शन थे।
आज इस शुभ अवसर पर हम सभी लोग संकल्प ले राष्ट्र प्रेम, ईमानदारी और समर्पण की भावना को अपनाएं ।
