बांग्लादेश में आज (12 फरवरी) को आम चुनाव का आयोजन किया जाना है। इन चुनावों पर भारत से लेकर अमेरिका और चीन से लेकर पाकिस्तान तक की नजर बनी हुई है। खासकर बांग्लादेश में लगातार बदलती स्थिति को देखते हुए।
दरअसल, भारत के इस पड़ोसी मुल्क में प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद से धार्मिक हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे लेकर कई संगठनों ने आंकड़े भी जारी किए हैं। दूसरी तरफ इन चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसकी वजह यह है कि इन चुनाव में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने सबसे बड़ी पार्टी- आवामी लीग को ही प्रतिबंधित करवा दिया। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही हैं, जो कि निष्पक्ष चुनाव के दावों पर भी प्रश्न चिह्न लगा रही हैं।
