कश्मीर की कड़ाके की सर्दी में मां के ममत्व की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। शहीद बेटे की याद में मां का कलेजा पसीज उठा और उसने ठंड से बचाने के भाव से बेटे की प्रतिमा पर कंबल ओढ़ा दिया। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।बर्फीली हवाओं और जमा देने वाली ठंड के बीच मां शहीद बेटे की प्रतिमा के पास पहुंची।
बेटे को ठंड न लगे बस इसी भावना से कांपते हाथों से उसने प्रतिमा पर कंबल ओढ़ाया। यह दृश्य मां-बेटे के अटूट प्रेम और शहादत के सम्मान का प्रतीक बन गया। कहा जाता है कि मां का दिल सबसे बड़ा होता है। यह घटना उसी कथन को सच्चाई में बदलती नजर आई।
देश के लिए बलिदान देने वाला बेटा मां के दिल में आज भी उतना ही जीवित है। कश्मीर की सर्द रात में यह मंजर हर किसी को यह याद दिलाता है कि शहादत केवल एक खबर नहीं, बल्कि परिवारों की जिंदगी भर की तपस्या और त्याग होती है।
