बाल दिवस के रूप में बलिदानों को किया याद
सैयदराजा(चंदौली)
उ0प्र0 उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल नगर इकाई के जिला उपाध्यक्ष सरदार सतनाम सिंह मोंगा की अध्यक्षता में वीर बाल दिवस का आयोजन शहीद स्मारक सैयदराजा के प्रांगण में देश धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले गुरु गोविंद सिंह महाराज के साहिबजादों के बलिदान को वीर बाल दिवस के रूप में याद किया गया।
मंगला सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलित कर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया । उन्होंने कहा सिख गुरुओं का इतिहास भारत के भीतर भक्ति और शक्ति के अद्भुत तेज का इतिहास है उन्होंने इतिहास को जीवंत कर आने वाली पीढ़ियां के लिए एक नई प्रेरणा दी है । आगे किड्स पब्लिक स्कूल सैयदराजा के प्रबंधक सुशील शर्मा ने कहा की धर्म की रक्षा हेतु अल्पायु में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शौर्य और साहस का भारत के इतिहास में इससे बड़ा उदाहरण नहीं, वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह के महान बलिदान को यह राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
सरदार मनमोहन सिंह ने बताया कि साहबजादों को दीवार में चिनवाने का आदेश दिया गया तो साहिबजादों ने उसे पूरी वीरता से स्वीकार किया । साहिबजादों ने प्राण देना स्वीकार किया लेकिन आस्था के पथ से कभी विचलित नहीं हुए । समाजसेवी सरदार हरजीत सिंह ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं कि जिन्होंने 26 दिसंबर जो बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान का दिवस है उसे उन्होंने पूरे देश में वीर बाल दिवस के रूप में राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है ।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश जायसवाल उर्फ़ बाढ़ु ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों की शौर्यगाथा केवल सिख इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि भारत की आत्मा में रचा-बसा धर्म, साहस और बलिदान का शाश्वत प्रतीक है। जो हमें सिखाता है कि सत्य के लिए खड़े होने में उम्र आड़े नहीं आती, आवश्यकता होती है तो केवल अडिग आस्था और दृढ़ संकल्प की।
इस दौरान पूर्व वाइस चेयरमैन महेंद्र राय, रमेश राय, चंद्रशेखर सिंह, व्यापार मंडल युवा अध्यक्ष अंकित जायसवाल, सभासद संतोष जायसवाल, जवाहर पाण्डेय, क्षमानंद मिश्रा, रविंद्र सिंह , भगत जी ,अन्नू जायसवाल, गोमसी मोदनवाल, आदि लोग उपस्थिति रहे ।
