लखनऊ/वाराणसी
नशीले फेन्सेडिल कफ सिरप तस्करी कांड में STF ने दो सगे भाइयों अभिषेक शर्मा व शुभम शर्मा को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी से 65 फर्जी फर्मों, एबॉट कंपनी के कोड दुरुपयोग, और बांग्लादेश तक फैले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।
दोनों अभियुक्तों ने कबूल किया कि 2019 से लेकर अब तक फर्जी फार्मेसियों के नाम पर कागजी बिक्री दिखाकर असली माल को बिहार, बंगाल व त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश तस्करों तक पहुंचाया जाता था।
इस नेटवर्क का असली सरगना शुभम जायसवाल अभी फरार है, जबकि उसके पिता भोला जायसवाल, अमित सिंह टाटा, बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह सहित दो दर्जन से अधिक लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
पूछताछ में पता चला कि तस्करों ने एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत से मारुति मेडिकोज, एवी फार्मास्यूटिकल्स समेत कई फर्जी फर्मों को सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनवाकर करोड़ों रुपये का खेल किया।
STF अब पश्चिम बंगाल के दो और संदिग्ध तस्करों की तलाश में है। यह कांड सत्ता गलियारों तक गर्मा चुका है और विपक्ष ने न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी है।
