वाराणसी
विवाह के शुभ लग्न 7 दिसंबर से बंद हो जाएंगे, जिसके साथ ही 55 दिनों तक शादी-ब्याह जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। शुभ कार्यों में शुक्ल पक्ष एवं गुरु-शुक्र के शुभ होने की अनिवार्यता के कारण 7 दिसंबर से लग्न समाप्त हो रहे हैं।
इस अवधि में खर्मास और गुरु-शुक्र अस्त दोनों चलने के कारण कोई विवाह संस्कार नहीं होंगे।
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार, 6 दिसंबर तक लग्न चलेंगे, इसके बाद खर्मास प्रारंभ हो जाएगा। 11 दिसंबर से 1 फरवरी तक शुभ ग्रह अस्त रहेंगे। इसके बाद 4 फरवरी से विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार वर्ष के 12 महीनों में सिर्फ छह माह ही शुभ कार्यों के योग्य होते हैं। बिना मुहूर्त के किए गए कार्यों में बाधाएं आती हैं, इसलिए इस अवधि में विवाह पर रोक रहेगी।
गायत्री पंचांग के अनुसार भी पूरे खर्मास में विवाह वर्जित रहते हैं। हालांकि अन्य दिनों में शादियां होती रहती हैं, लेकिन खर्मास में पूर्ण रूप से रोक मानी जाती है।
अगले वर्ष के प्रमुख शुभ मुहूर्त
फरवरी: 4, 8, 10, 16,
12मार्च: 3, 14
अप्रैल: 9, 12, 15, 20, 21, 25, 30
मई: 1, 3, 9, 12, 13, 14, 21
जून: 21, 30
जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 11, 12
नवंबर: 7, 20, 21, 24, 27, 30
दिसंबर: 1, 6, 9, 11, 13
