वाराणसी:
शहर में गुरुवार को अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया गया, जिससे कई इलाकों में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चितईपुर, कैंट और वरुणा पार क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाना शुरू किया।
नगर निगम के मुताबिक अब तक *550 बीघे सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जा चुका है, जबकि हाल ही में हुए सर्वे में 1400 बीघे से ज्यादा सरकारी जमीन चिन्हित की गई थी। फिलहाल उन जमीनों से कब्जा हटाया जा रहा है, जहां किसी तरह का विवाद नहीं है। टीन शेड लगाकर कब्जा करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
कब्जा हटाकर नगर निगम करेगा विकास
नगर निगम कब्जा हटाने के बाद जमीन को तारबंदी कर अपने बोर्ड लगाएगा ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। इन जमीनों पर भविष्य में कम्युनिटी सेंटर, बारातघर, पार्क और अन्य विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार कब्जामुक्त कराई जा रही जमीनों की अनुमानित कीमत करीब 700 करोड़ रुपये है।
79 गांवों में मिला बड़ा कब्जा
नगर निगम के सर्वे में 79 गांवों में 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मिला है। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम लगातार अभियान चलाकर सरकारी जमीन को मुक्त करा रहा है ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके।
कैंट स्टेशन पर भी चला एक्शन
वहीं दूसरी ओर वाराणसी कैंट स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर भी रेलवे, आरपीएफ, स्वास्थ्य और यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध ठेलों और अतिक्रमण को हटाया।
स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता और सीईओ कैंटोनमेंट सत्यम मोहन की रणनीति के तहत यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अवैध ठेलों की वजह से स्टेशन मार्ग बाधित हो रहा था और गंदगी फैलने से यात्रियों को परेशानी हो रही थी।
लगातार चल रही इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप है, जबकि प्रशासन इसे जनहित और शहर के विकास के लिए जरूरी कदम बता रहा है।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी
















