वाराणसी:
अखिल भारतीय सनातन न्यास, जैतपुरा द्वारा आयोजित नौदिवसीय संगीतमय रामकथा के विश्राम दिवस पर पातालपुरी पीठाधीश्वर संत जगतगुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि रामचरितमानस त्याग, तपस्या और बलिदान के साथ सदैव लोकहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
बालक देवाचार्य ने कहा कि लंकेश के पास सारे संसाधन थे, पर परिवार में एकजुटता, कुटुंब में आपसी तालमेल न होने और धर्म से विमुख होने के कारण उसके परिवार की जो दुर्गति हुई, वह सभी जानते हैं। वहीं प्रभु राम ने विषम परिस्थितियों में भी सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा और अंत में सत्य की ही जीत हुई।

राम राज्याभिषेक के अवसर पर चारों भाइयों, मां जानकी और अंजनी नंदन की भव्य झांकी पूरे पंडाल में सजाई गई। दृश्य ऐसा था मानो साक्षात अयोध्या में प्रभु विराजमान हों। चारों तरफ हर्षोल्लास का माहौल था। खुशी से पंडाल में मौजूद महिलाएं, पुरुष और बच्चे भाव-विभोर होकर नृत्य कर रहे थे। ‘जय अयोध्या लाल की’, ‘चारों भइयन की जय’, ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से पूरा क्षेत्र राममय हो उठा।

इस अवसर पर काशी के प्रमुख वक्ता पंडित वेद प्रकाश मिश्र ने कहा कि यदि आप अपने घर में सदैव एकजुटता बनाए रखना चाहते हैं तो प्रतिदिन रामायण अवश्य पढ़ें। इससे ही पूरे परिवार का कल्याण होगा
समापन दिवस पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली विभूतियों, पत्रकारों और व्यवसायियों को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सनातन न्यास के अध्यक्ष अजय जायसवाल ने बताया कि बुधवार, 10 जून की शाम मां बागेश्वरी देवी के प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
रिपोर्ट – विवेक कुमार यादव
















