गरीब परिवार को दबंगों ने मकान बनाने से रोका, न्याय की गुहार लेकर तहसील पहुंचा पीड़ित परिवार;

जौनपुर जौनपुर थाना लाइन बाजार क्षेत्र स्थित ग्राम सैदाबाद कलवारी पोस्ट नेवादा कचगांव निवासी लालमन पुत्र राज नारायण का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया..

जौनपुर

जौनपुर थाना लाइन बाजार क्षेत्र स्थित ग्राम सैदाबाद कलवारी पोस्ट नेवादा कचगांव निवासी लालमन पुत्र राज नारायण का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है। जहां एक गरीब परिवार अपने ही मकान के निर्माण के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहा है। पीड़ित परिवार ने उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है। कि कुछ मनबढ़ और प्रभावशाली लोग उसे अपने मकान का निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। और वर्षों की मेहनत से जुटाए गए संसाधनों के सहारे अपने आशियाने का निर्माण कराना चाहता है। आरोप है। कि जब भी परिवार निर्माण कार्य शुरू करता है। कुछ दबंग तत्व पहुंचकर उसे रोक देते हैं। और भय का माहौल बनाते हैं। इससे परिवार की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भारी दहशत व्याप्त है।

पीड़ित का कहना है। कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन आज तक उसे स्थायी राहत नहीं मिल सकी। परिवार का आरोप है। कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उसका वैध निर्माण कार्य भी बाधित किया जा रहा है। ऐसे में गरीब परिवार अपने ही अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को विवश है।

स्थानीय लोगों का कहना है। कि यदि किसी गरीब के सिर पर छत बनाने का अधिकार को भी छीन लिया जाए तो यह सामाजिक न्याय और मानवता दोनों के लिए गंभीर प्रश्न है। आखिर एक गरीब परिवार कब तक अन्याय सहता रहेगा। क्या उसे अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित घर बनाने का अधिकार नहीं है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है। कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में मकान निर्माण कार्य संपन्न कराया जाए, ताकि परिवार सम्मानपूर्वक अपना जीवन जी सके।

सवाल प्रशासन से:

क्या गरीब परिवार को उसका वैध अधिकार मिलेगा।

क्या दबंगों के हौसलों पर लगाम लगेगी।

क्या प्रशासन इस परिवार के सपनों का आशियाना बनने देगा।

गरीब की पुकार है। हमें दया नहीं, न्याय चाहिए।
एक गरीब के सिर पर छत केवल ईंट और सीमेंट नहीं होती, बल्कि उसके बच्चों के भविष्य की नींव होती है।

रिपोर्ट : सुरेश कुमार शर्मा

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