बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। विभाग ने सभी स्कूलों से कहा है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ कराई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
परीक्षा का समय और पाली व्यवस्था
शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल के आदेश के अनुसार परीक्षा दो पालियों में होगी।
- पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक
- दूसरी पाली: दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक
प्रश्नपत्र की तैयारी और स्कूलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला स्तर पर तय की गई है।
कक्षा के अनुसार परीक्षा का स्वरूप
- कक्षा 1: केवल मौखिक परीक्षा
- कक्षा 2 से 5: लिखित और मौखिक दोनों
- कक्षा 6 से 8: पूरी तरह लिखित परीक्षा
विषयवार परीक्षा का कार्यक्रम
- 16 मार्च: पहली पाली – गणित, दूसरी पाली – अंग्रेजी और हिंदी
- 17 मार्च: पहली पाली – गणित और संस्कृत/उर्दू, दूसरी पाली – सामाजिक विषय, अंग्रेजी, हिंदी
- 18 मार्च: पहली पाली – गणित, संस्कृत/उर्दू, दूसरी पाली – सामाजिक विषय, अंग्रेजी, हिंदी
- 19 मार्च: पहली पाली – गणित, संस्कृत/उर्दू, दूसरी पाली – सामाजिक विषय, अंग्रेजी, हिंदी
- 20 मार्च: पहली पाली – विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, दूसरी पाली – कला/संगीत, कार्यानुभव, नैतिक शिक्षा
साथ ही बेसिक क्राफ्ट, सम्बद्ध कला, कृषि, गृह शिल्प, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, स्काउटिंग जैसे विषयों की परीक्षा विद्यालय स्तर पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
लिखित परीक्षा और मूल्यांकन
लिखित परीक्षा 50 अंकों की होगी। प्रश्नपत्र में 10 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न, 10 अंक के अति लघु उत्तरीय प्रश्न, 20 अंक के लघु उत्तरीय प्रश्न और 10 अंक के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। सत्रीय और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में मिले अंक जोड़कर प्रत्येक विषय का कुल मूल्यांकन 100 अंकों में किया जाएगा।
प्रश्नपत्र की तैयारी
वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) द्वारा तैयार कराए जाएंगे। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रश्नपत्रों की छपाई कर उन्हें ब्लॉकवार पैक कर विद्यालयों तक पहुंचाएंगे।
परिणाम और अभिभावक बैठक
परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समयबद्ध ढंग से कराया जाएगा। विभाग ने 30 मार्च 2026 को परिणाम घोषित करने और उसी दिन विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर रिपोर्ट कार्ड वितरण तथा उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने का निर्देश दिया है।
जिम्मेदारी तय
परीक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक, विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी और जनपद स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की होगी। परीक्षा या मूल्यांकन में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नवानगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अब अंतिम तैयारियां जोरों पर हैं। शिक्षक इन दिनों छात्रों को पाठ्यक्रम की अंतिम पुनरावृत्ति कर परीक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं।
