जल जीवन मिशन-2.0 को प्रभावी तरीके से लागू करने और भविष्य में इसकी योजनाओं को गांवों तक बेहतर ढंग से पहुंचाने को लेकर शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने वर्चुअल माध्यम से सभी राज्यों के मंत्रियों और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।
बैठक में स्वतंत्र देव सिंह और नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश की ओर से भाग लिया। इस दौरान जल जीवन मिशन-2.0 की रूपरेखा राज्यों के सामने रखी गई और बताया गया कि आने वाले समय में इस योजना को किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की भूमिका को भी स्पष्ट किया गया तथा राज्यों से सुझाव भी मांगे गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा घरों तक नल से जल कनेक्शन देने वाला राज्य बन चुका है। वर्तमान में प्रदेश के 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में 95 प्रतिशत से अधिक घरों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाया जा चुका है। जिन गांवों में 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां जल अर्पण कार्यक्रम के जरिए पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ग्राम पंचायतों को सौंपी जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाते हुए इसे जल जीवन मिशन-2.0 के रूप में लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना पर लगभग 8.69 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। नई व्यवस्था में डिजिटल मॉनिटरिंग, ग्राम पंचायतों की भागीदारी और जल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाएगा।
