एलपीजी टैंकर “शिवालिक” इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित पार कर चुका है और भारतीय नौसेना की निगरानी में खुले समुद्र की ओर बढ़ रहा है। संभावना है कि यह जहाज अगले दो दिनों में मुंबई या कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है।
इसी बीच दूसरा एलपीजी जहाज “नंदा देवी” भी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल गया है। यह जहाज करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर भारत आ रहा है, जो देश की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों जहाजों को संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना की मदद से सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद उठाया गया। ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतली ने भी कहा कि भारत और ईरान के क्षेत्रीय हित समान हैं और मौजूदा स्थिति में भारत ने ईरान की मदद की है
