राज्य ब्यूरो, श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घाटी के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्तियों और जाली सरकारी आदेश जारी कर करोड़ों रुपये के सरकारी और निजी नुकसान के मामले में 17 आरोपितों के खिलाफ गुरुवार को अदालत में आरोपपत्र दायर किया। यह आरोपपत्र भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत बारामुला स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया।
आरोपितों में एक तत्कालीन मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, एक तत्कालीन ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी, एक स्वास्थ्य अधिकारी, एक वरिष्ठ सहायक, कार्यालय सहायक और 12 लाभार्थी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार यह मामला लगभग 13 वर्ष पुराना है और इसे तत्कालीन स्वास्थ्य निदेशक की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि 19 अप्रैल 2010 को जारी सरकारी आदेश 235-एचएमई, 2010 में हेरफेर किया गया और कुछ विभागीय अधिकारी इसमें शामिल थे। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मिलकर मेडिकल ब्लॉक बांडीपोर में एक अतिरिक्त पद फर्जी तरीके से बनाया और अपने पसंदीदा लोगों को नियुक्त कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि इन अधिकारियों ने सरकारी आदेशों में छेड़छाड़ कर स्थानांतरण और नियुक्ति के फर्जी आदेश तैयार किए। इसके बाद चुंटीमुल्ला, अष्टेंगू, बांडीपोर और शेखपोरा गुरेज स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में अपने चयनित व्यक्तियों को पदस्थ किया। इन अवैध रूप से नियुक्त कर्मियों को सरकारी खजाने से वेतन और छठे वेतन आयोग के तहत बकाया राशि भी दी गई।
अपराध शाखा ने जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और उन्हें अदालत में प्रस्तुत कर आरोपपत्र दायर किया। इस मामले में आगे की सुनवाई अब विशेष अदालत में होगी।
